कुरई विकासखंड के CMCLDP विद्यार्थियों का देवळापार स्थित गो अनुसंधान केंद्र में अध्ययन भ्रमण
कुरई, जिला सिवनी (मध्यप्रदेश): मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद, विकासखंड कुरई द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम (BSW, MSW) के अंतर्गत छात्र-छात्राओं का अध्ययन एवं शोध भ्रमण आयोजित किया गया। यह भ्रमण जिला समन्वयक श्री सौरभ शुक्ला एवं विकासखंड समन्वयक श्री कुलदीप सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में देवळापार स्थित गो अनुसंधान केंद्र में संपन्न हुआ।
अध्ययन भ्रमण के दौरान गो अनुसंधान केंद्र में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विद्यार्थियों को देशी गोवंश की नस्लों की जानकारी, कृषि एवं मानव जीवन में गाय की उपयोगिता, जैविक खेती में गो आधारित उत्पादों का महत्व तथा पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया।
गो अनुसंधान केंद्र के प्रबंधक श्री प्रशांत पिसे, जिला नेतृत्वकर्ता मेम चित्रा भालेकर तथा श्री संजय फुलबेल ने विद्यार्थियों को गोशाला प्रबंधन, जैविक खेती, औषधीय उत्पाद निर्माण, केंचुआ खाद निर्माण, पर्यावरण शुद्धिकरण तथा महिलाओं को लघु व्यवसाय से जोड़ने जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
वन विभाग की अनूठी कलाकृति का अवलोकन
अध्ययन भ्रमण के अंतर्गत विद्यार्थियों ने खवासा क्षेत्र में मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा अनुपयोगी कबाड़ से निर्मित विश्व की सबसे बड़ी कलात्मक बाघ (शेर) प्रतिमा का भी अवलोकन किया। कबाड़ सामग्री के पुनः उपयोग से निर्मित यह कलाकृति पर्यावरण संरक्षण और रचनात्मकता का उत्कृष्ट उदाहरण है। विद्यार्थियों ने आसपास के वन क्षेत्र एवं प्राकृतिक आवरण का भी अध्ययन किया।
सामुदायिक नेतृत्व विकास को बढ़ावा
इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों में सामाजिक शोध दृष्टिकोण, पर्यावरणीय जागरूकता और सामुदायिक नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का प्रयास किया गया। ग्रामीण विकास, जैविक खेती और सतत जीवनशैली से जुड़े विषयों की व्यावहारिक जानकारी विद्यार्थियों को प्राप्त हुई।
कार्यक्रम में CMCLDP पाठ्यक्रम के सभी छात्र-छात्राओं के साथ परामर्शदाता सुश्री यास्मीन कुरैशी, श्री सबा तरन्नुम, सुश्री सुरेखा धराड़े, श्री अविनाश अहरवार, श्री विशाल कुमार नागवंशी उपस्थित रहे। इसके अलावा नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि — श्री अशोक शिववेदी (देवसंस्कृति फाउंडेशन), श्रीमती सुषमा/महेश ठाकुर (स्वामी विवेकानंद बाल कल्याण समिति), श्री मुकेश डहरवाल (उत्कृष्ट जनकल्याण समाजसेवा समिति), श्रीमती शिवकुमारी बरमैया (जनसेवा ग्राम विकास समिति) तथा ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्य भी मौजूद रहे।
इस अध्ययन भ्रमण से विद्यार्थियों को सामाजिक शोध, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक नेतृत्व के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ, जो उनके शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
