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विधानसभा चुनाव मोड में प्रशासन?!!! मतदान का प्रतिशत कम क्यों? ग्रामसभा के साथ चावड़ी वाचन प्रशासन/राजनीतिक दल के पदाधिकारियों की बैठक मतदाता सूची दुरुस्त करने के लिए जनसहयोग की अपील शिवराज पडोले चुनाव अधिकारी

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चुनाव आयोग की चुनावी सूची को अप डेट करें अनिल देशमुख काटोल/कोंढाली/-संवाददाता लोक सभा के चुनाव पुर्व बहूत शत प्रतिशत अथवा 75+प्रतिशत मतदान के लिये जिला प्रशासन द्वारा बहूत प्रचार प्रसार किया गया फिर भी में मतदान का प्रतिशत कम […]

चुनाव आयोग की चुनावी सूची को अप डेट करें
अनिल देशमुख काटोल/कोंढाली/-संवाददाता
लोक सभा के चुनाव पुर्व बहूत शत प्रतिशत अथवा 75+प्रतिशत मतदान के लिये जिला प्रशासन द्वारा बहूत प्रचार प्रसार किया गया फिर भी में मतदान का प्रतिशत कम हुआ! इसके लिये मतदाता को जिम्मेदार नही ठहराया जा सकता, इसके लिये जिम्मेदार है चुनाव आयोग.चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों का सही प्रबंधन ना होना है. यह जानकारी काटोल विधानसभा चुनाव अधिकारी तथा एस डी ओ काटोल के सभाकक्ष में आयोजित बैठक के दौरान काटोल विधानसभा के विधायक अनिल देशमुख द्वारा जानकारी दी. काटोल विधानसभा चुनाव अधिकारी और काटोल के उपविभागीय अधिकारी, शिवराज पडोले, द्वारा २०जुन को काटोल विधानसभा मतदारसंघ के सभी राजनैतिक पार्टी के पदाधिकारियों तथा समाजमाध्यमों के प्रतिनिधियों के साथ लिये गये बैठक के दौरान एस डी ओ काटोल ने बाया कीअपने मतदान केंद्र पर सामने आई समस्याओं के बारे में जानकारी ली. तब विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, काटोल विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर, कहा की लोक सभा चुनाव के अवसरपर पर उपस्थित तृटीया समस्याओं को कम कर समस्याविरहित मतदाता सूची बनाने के लिए उचित उपाय की योजना बनाने के सुझाव दिए गए ताकि मतदाता आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।इस अवसरपर पर उपस्थित जनप्रतिनिधीयों ने बताया की दरअसल, कई ऐसे मतदाता हैं जिनकी मौत के कई साल बाद भी उनका नाम मतदाता सूची में है। चूँकि वे मतदान नहीं करते इसलिए मतदान का प्रतिशत कम रहता है। लोकसभा चुनाव में रामटेक लोकसभा क्षेत्र में सिर्फ 63 फीसदी मतदान हुआ, यानी 37 फीसदी मतदाताओं ने वोट देने का अपना कर्तव्य नहीं निभाया. यह सुनकर कोई भी सोचेगा कि मतदाता कितने गैरजिम्मेदार हैं। हालाँकि, लोकसभा चुनाव में कम मतदान के पीछे मतदाताओं की उदासीनता नही, बल्कि अब यह बात सामने आई है कि मतदाता सूचियों में भारी गड़बड़ी, राजनीतिक दलों की उपेक्षा और प्रशासन की गलतियाँ अधिक जिम्मेदार हैं। काटोल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव निर्णय अधिकारी शिवराज पडोळे द्वारा काटोल विधानसभा चुनाव सह अधिकारीयों के साथ-साथ काटोल के तहसीलदार राजू रणवीर और नरखेड़ के तहसीलदार के साथ काटोल / कोंढाली नगर परिषद / नगर पंचायत के प्रशासक धनंजय बोरिकर और चुनाव विभाग से संबंधित अधिकारियों के साथ साथ सभी राजनैतिक पार्टी के पदाधिकारीयों के साथ एस डी एम कार्यालय में मतदाता सुची की समस्याओं के बारे में जाना। इसे लेकर 20 जून अपह्रांन तीन बजे सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गयी इस अवसर पर जन प्रतिनिधियों ने समस्याएं पढ़कर सुनाई। जैसे
*जीवित व्यक्ति का नाम सूची में होना* *हटाया गया नाम अभी भी मतदाता सुची में होना* *कई मृत लोगों का नाम मतदाता सूची में* *स्थलांतरित मतदाता के नाम‌ नही हटाऐ गये.। *मतदाता सूची में हजारों मतदाताओं को लेकर असमंजस* *प्राथमिक जरूरतें जैसे पानी, धूप और बारिश से सुरक्षा की जरूरत* इन सभी समस्यांओ को दुर करने के लिये जिला प्रशासन ने चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए काफी प्रयास किए। उपस्थित लोगों ने बताया कि एक ही परिवार के चार मतदाताओं को मतदाता सूची में चार मतदान केंद्रों की तलाश करनी पड़ी। *ग्राम सभा के साथ चावड़ी का पठन*
चुनावी मतदाता सूची में गड़बड़ी को समय रहते दूर करना जरूरी है, काटोल विधानसभा क्षेत्र के चुनाव अधिकारियों ने कहा कि वे इसे खत्म करने के लिए बूथ-वार और गांव-दर-गांव ग्राम सभा आयोजित करेंगे। उस ग्राम सभा में अपने अपने गांव में मतदान केंद्र पर उपस्थित अनियमितताएं दूर करने के लिये मिली शिकायतों को दूर करने के लिये संबधित बूथ अथवा गांव के सभी राजनैतिक दलों के पदाधिकारी व बी एल ओ तथा बी एल ए इस ग्राम सभा में उपस्थित रह कर समस्याओं की जानकारी दें. यह अपील काटोल विधानसभा चुनाव अधिकारी शिवराज पडोले, तहसीलदार राजू रणवीर द्वारा किया गया. इस ग्राम सभा में चावड़ी वाचन में उपस्थित रहकर मतदाता सूची की तृटीया दुर करने के लिये सहयोग कर मतदाता समस्या विरहित मतदाता सूची अप डेट का आवहन विधायक अनिल देशमुख ने किया. तथा इसके लिये चुनाव आयोग की मदद लेने के बारे में भी सुचना की गयी. इस अवसर पर राहुल देशमुख, दिगंबर डोंगरे, विजय महाजन, रूपेश नखले, बब्लू बिसेन, प्रशांत पचपोरे, अनूप खराडे, चंद्रशेखर कोल्हे, संजय चरडे, सुमित बभूटा,माधव अनवणे, संदीप वंजारी, गणेश सावरकर, के साथ ही भारतीय जनता पार्टी, एनसीपी (शरद चंद्रपवार) , राकांपा (एपी), शेकाप, शिवसेना, वंचित बहुजन अघाड़ी, रिपाई,तथा अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, समाचार पत्र/मीडिया के प्रतिनिधि, नरखेड़ के तहसीलदार, नायब तहसीलदार विजय डांगोरे, काटोल तहसील के मनीष चरडेर सहित चुनाव संबधीतीत विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे

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