नागपुर महाराष्ट्र हेडलाइन

प्रतिबंधित मौत के फंदे नॉयलॉन मांजे की अवैध निर्मित विक्री ख़रीदीं तथा इस्तेमाल सख्ती से रोकने हेतु पुलिस और सभी संभावित विभागों को ज्ञापन सौंपा

Summary

नागपुर दिनांक ०५/१२/२०२३ को सामाजिक संगठन किंग कोबरा आर्गेनाइजेशन यूथ फोर्स राष्ट्र निर्माण की और दो कदम नारी शक्ति एक सम्मान और पशु क्रूरता के ख़िलाफ़ जंग नागपुर महाराष्ट्र की तरफ से संस्थापक अध्यक्ष अरविंद कुमार रतूड़ी के नेतृत्व में […]

नागपुर दिनांक ०५/१२/२०२३ को सामाजिक संगठन किंग कोबरा आर्गेनाइजेशन यूथ फोर्स राष्ट्र निर्माण की और दो कदम नारी शक्ति एक सम्मान और पशु क्रूरता के ख़िलाफ़ जंग नागपुर महाराष्ट्र की तरफ से संस्थापक अध्यक्ष अरविंद कुमार रतूड़ी के नेतृत्व में पतंग उड़ाने की जानलेवा प्रतिबंधित डोर नॉयलॉन मांजा, कांच निर्मित मांजे की अवैध निर्मित विक्री और इस्तेमाल सख्ती से रोकने हेतु मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय, महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री भारत सरकार ,मुख्यमंत्री महाराष्ट्र सरकार, पुलिस महानिदेशक पुलिस आयुक्त, विशेष पुलिस महानिरीक्षक, ग्रामीण जिला अधिक्षक, सभी पुलिस उप-आयुक्तों सभी शहर ग्रामीण थानों के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षकों, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल, प्रमुख वन जीव संरक्षक महाराष्ट्र सरकार ,महानगर पालिका आयुक्त, जिलाधिकारी व जिला दंडाधिकारी, जिला परिषद के सीइओ तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री सचिवालय कक्ष के अलावा सभी संभावित विभागों को ज्ञापन सौंपते हुए सभी सरकारी संवैधानिक संस्थाओं शासन प्रशासन को जनहित में इस मौत के फंदे को बेचने वाले व्यापारियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही और अदालत की अवहेलना के साथ साथ सदोष मनुष्य वध भा.द.वी ३०४ ३३६ ३३७ ३३८ तथा प्रदूषण नियंत्रण मंडल की सेक्शन -५ एक्ट १९८६ के तहत मामला दर्ज किया जाए विगत १६ से १७ सालों में असंख्य लावारिस मूक प्राणियों,जीव जंतुओं ,पंक्षीयो के साथ साथ इंसानों की भी मौतें हो चुकी है और असंख्य तादाद इंसान,जीव जंतु, पंक्षी अपाहिज हो चुके है अब आगे से ऐसा कुछ भी न हो जानमाल का नुक़सान न हो इसके लिए इस मौत के फंदे का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है और इससे पतंग उड़ाने वाले नाबालिक बच्चों के माता पिताओं पर भी उपरोक्त सभी धाराओं के तहत केस दर्ज किए जाए और बेचने वाले क्रूर मानसिकता के व्यापारियों को जेल में डालने के साथ ही इनकी दुकानों के लाइसेंस और गुमस्ते आजीवन काल के लिए रद्द किए जाए अगर ऐसा नहीं होता है तो मजबूरन उपरोक्त सभी सामाजिक संगठन संवैधानिक तरीके से जनहितार्थ उग्र जन आंदोलन और चक्काजाम आंदोलन,छापामार कार्यवाही करेंगे और खुद ही ऐसे मौत के सौदागरों से निपटेंगे और इसकी सारी नैतिक जिम्मेदारी निष्क्रिय शासन प्रशासन और भ्रष्ट रिश्वतखोर अधिकारियों की रहेगी हम किसी भी तरह से जान माल का नुक़सान नहीं होने देंगे हमारे सामाजिक संगठन पिछले १७ सालों से इस मौत के फंदे के ख़िलाफ़ युद्ध स्तर पर लड़ रहे है ऐसा कहना है संगठनों के संस्थापक अध्यक्ष अरविंद कुमार रतूड़ी का वहा पर उपस्थित पत्रकारों और सभी संभावित विभागों के वरिष्ठ कनिष्ठ अधिकारियों से ज्ञापन सौंपने और पत्रकारों को संबोधित करते समय संजय पंचभाई अतुल पिंपडकर शेखर घटे अमित कातुरे उपस्थित थे

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