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हरदोली पेपर मिल मजदूरों के बकाया वेतन का तुरंत भुगतान किया जाय – विधायक चरणसिंह ठाकुर बिना लिखित सूचना के बंद हुई विगत दो वर्षौं से आर्थिक संकट से गुजर रही हरदोली पेपर मिल पेपर मिल प्रबंधन बेरोजगार हुए मिल के कामगार मजदूर आर्थिक संकट में

Summary

कोंढाली – संवाददाता नागपुर-अमरावती राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोंढाली से 6 किलोमीटर दूर हरदोली स्थित हरदोली पेपर मिल को 2 जून 2025 से बिना किसी पूर्व लिखित सूचना के बंद कर दिया गया। मजदूरों का मई माह का वेतन भी नहीं […]

कोंढाली – संवाददाता
नागपुर-अमरावती राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोंढाली से 6 किलोमीटर दूर हरदोली स्थित हरदोली पेपर मिल को 2 जून 2025 से बिना किसी पूर्व लिखित सूचना के बंद कर दिया गया। मजदूरों का मई माह का वेतन भी नहीं दिया गया, जिससे यहाँ के करीब 60 स्थायी और 150 दैनिक वेतनभोगी मजदूर भुखमरी की कगार पर पहुँच गए हैं।
इसी आर्थिक विवशता के चलते 2 अगस्त की रात 3 बजे के करीब, इस मिल में 28 वर्षों से पल्प ऑपरेटर के पद पर कार्यरत माहूलाल यादव (निवासी चमेली, हरदोली) ने कथित रूप से निराशा में अपनी जान दे दी। मृतक के परिजनों और मिल के मजदूरों ने यह जानकारी दी।
मजदूरों ने बताया कि कंपनी प्रबंधन ने बिना किसी लिखित नोटिस के सिर्फ मौखिक रूप से मिल बंद करने की बात कही और गेट पर ताला जड़ दिया। इस पर मजदूरों ने “करो या मरो” की भूमिका अपनाते हुए 2 अगस्त से मिल गेट पर धरना आंदोलन शुरू कर दिया।
विधायक ने लिया संज्ञान
मजदूरों की समस्याओं को देखते हुए काटोल के विधायक चरणसिंह ठाकुर मौके पर पहुँचे और मिल प्रबंधन, श्रम विभाग के अधिकारियों और मजदूरों के साथ बैठक कर समाधान निकालने की कोशिश की। उन्होंने प्रबंधन को फटकार लगाते हुए बकाया वेतन का तुरंत भुगतान करने के निर्देश दिए।
विगत दो वर्षौं से पेपर मिल आर्थिक संकट से गुजर रही है
पेपर मिल प्रबंधन का पक्ष
हरदोली पेपर मिल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार लाखोटिया तथा अन्य व्यवस्थापकों ने बताया कि मिल पिछले दो वर्षों से घाटे में चल रही है और इसी कारण आर्थिक संकट उत्पन्न हुआ। इस की जाणकारी कामगार ‌विभाग को दे दी गयी है,उन्होंने कहा कि मई माह का अधिकांश वेतन दे दिया गया है और शेष मजदूरों को भी भुगतान किया जाएगा। आर्थिक स्थिति सुधरने पर मिल को फिर से शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। माहूलाल यादव के बारे में पुंछने पर उन्होंने यह बताया की माहूलाल यादव की मौत लंबे समय से बीमारी था.
मजदूरों का आरोप
मजदूरों का आरोप है कि प्रबंधन ने कंपनी बंद करने के दौरान कंपनी कानून की सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया, जैसे 60–90 दिन पूर्व नोटिस देना, बकाया भुगतान, अंतिम ऑडिट और कंपनी रजिस्ट्रार को सूचित करना आदि। मजदूरों ने श्रम विभाग में शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस बैठक में विधायक ठाकुर के साथ पेपर मिल के कामगार,भाजपा मंडल अध्यक्ष, तथा अन्य पदाधिकारी,श्रम विभाग के अधिकारी, पेपर मिल प्रबंधन और कोंढाली थाना प्रभारी राजकुमार त्रिपाठी मौजूद थे।

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